Categories: Story

अंतिम निर्णय- story in hindi with moral

जल्दबाज़ी में अंतिम निर्णय

अंतिम निर्णय लोग बिना सोचे समझे जो जल्दबाज़ी में लेते हैं ।

उसके कारण अक्सर लोगों बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है ।जिसकी पूर्ति करना कभी -कभी सम्भव नहीं होता ।

इसलिए अंतिम निर्णय हमेशा सोच समझकर ही लेना चाहिए ।

जीवन भर की जमापूंजी से ट्रक खरीदा

एक अधेड़ उम्र का आदमी था ।उसने अपने पुरे जीवन कमाए हुए आमदनी से कुछ पैसा हर महीना बचाता रहा ।

इस दौरान बचाये गए पैसे से ट्रक खरीदने का सपना को पालता रहा ।

जैसे -जैसे बचाई गयी अपनी जमा पूँजी बढ़ती गयी ।उसके सपने पूरा करने की ज़ोश भी बढ़ता रहा ।

आख़िरकार अंतिम निर्णय के रूप में कुल जमा पूँजी से नया ट्रक खरीद कर लाया ।

ट्रक पर चोट

उसके सात साल के बेटा था ।बेटा बहुत ही मासूम लेकिन नटखट था ।

ट्रक खरीदने के कुछ ही दिनों बाद उसके मासूम बेटे ने एक दिन खेल -खेल में चमचमाते हुए ट्रक पर हथोड़ी से चोट कर दी ।ट्रक के उस जगह पर गढ्ढा हो गया ।

ट्रक पर चोट की आवाज़ सुनकर वह आदमी गुस्से में दौड़ता हुआ उसके पास आया और आते ही उसने बच्चे के हाथ से हथौड़ी छीनकर सजा देने के लिए अंतिम निर्णय उसने अपने बेटे के हाथ पर हथौड़ी मार दी ।

बच्चा अवाक् रह गया ।डर से बच्चा दर्द के बाबजूद रो नहीं सका लेकिन तभी बच्चे के हाथ से बह निकले खून से अचानक उसे बेटे को लगी चोट का अहसास हुआ ।

फिर आनन् -फानन में अंतिम निर्णय लिया वह बच्चे को लेकर भागता हुआ सरकारी अस्पताल पहुंचा ।

बच्चे की बेहोशी

अस्पताल पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर ही अवाक रह गया ।

अधेड़ उम्र आदमी को उस समय कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें क्या न करें ।

इधर बच्चा के हाथ से अधिक खून निकलने के कारण बेहोशी छाने लगी ।

बच्चे के बेहोशी को देखकर बेचैनी बढ़ने लगी ।बुजुर्ग ने सबसे पहले मन ही मन बच्चे को आशीर्वाद दिया

अंतिम निर्णय काटना पड़ा ऊँगली

फिर बुजुर्ग व्यक्ति ने बच्चे की हालत देखकर एक अनुभवी डॉक्टर के पास जाने के लिए कहा जो प्राइवेट क्लिनिक में काम करते थे ।

फिर जल्दी से उसे उस डॉक्टर के क्लिनिक पर ले गए ।

डॉक्टरों ने इमरजेंसी को समझते हुए इलाज के लिए जल्दी से जाँच ,एक्सरे आदि करवाया ।फिर डॉक्टर ने बच्चे के हाथ की टूटी हड्डी को जोड़ने की भरपूर कोशिश की ।अपने सभी अनुभवों को इस्तेमाल किया ।

लेकिन अंत में उन्हें उस लड़के के हाथ की उँगलियाँ को काटनी पड़

चूँकि ऑपरेशन के समय बच्चे को एनेस्थेसिया दिया जाता है ।इसलिए बच्चा कुछ समय बेहोशी की हालत में रहती है ।

बच्चे को जब ऑपरेशन के बाद होश आया ।तो उसने अपने हाथों पर बंधी पट्टी को देखा ।

थोड़ा हताश हुआ ।उसे मन ही मन खुद पर गुस्सा आ रहा था ।वह सोचने लगा मै बेब्कुफ़ हूँ ।

मुझे ऐसा नहीं करना चाइये ।पता नहीं पिताजी माफ़ करेंगे की नहीं ।कैसे उनसे माफ़ी मांगू |

निर्णय


एक बालमन जो सोच सकता था ।वो सभी उपाय सोचने की कोशिश की ।

जीत -जीत के नजरिया के आधार पर पिताजी से अपनी बात शेयर करने की कोशिश सोच रहा था ।

आखिरकार उसने अपने कृत्य के लिए पिताजी से माफ़ी मांगने का निर्णय लिया ।पिताजी को इशारा से पास बुलाने का इशारा किया ।

हालाँकि उसका पिताजी उससे आंख मिलाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था ।फिर भी झुकी नजरों से बच्चे के पास गया ।

बच्चा अपने पिताजी से माफ़ी मांगे का हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था ।

उधर उसका पिताजी भी कुछ नहीं बोल पा रहा था ।

फिर भी बच्चा रुंआसी स्वर में पिता से बोलै ,पापा,आपके ट्रक को नुकसान पहुँचाने के लिए मुझे माफ़ कर दीजिए।

कुछ देर रुककर फिर उसने बड़ी मासूमियत से पूछा “लेकिन मेरी उँगलियाँ वापस कब तक बढ़ जाएगी ।

बेटे के इस प्रश्न को सुनकर उसका हालत काटो तो खून नहीं वाली हालत हो गयी ।

फांसी का अंतिम निर्णय

बेटे के प्रश्न को जबाब दिए बिना अपना मुँह छुपाते हुए ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकला ।और फिर फूटफूटकर रोने लगा ।

कुछ क्षण के बाद दौड़ता हुआ घर की ओर भागा ।अंतिम निर्णय लिया अपना प्राइवेट रूम में गया घर को अंदर से बंद कर दिया और फिर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया ।

सन्देश

अगली बार जब आप नाराज हो और अपने किसी प्रिय को सजा देने के लिए सोचें ।तो धैर्य खोने से पहले दो बार सोचें ।

ट्रक तो फिर भीड़ भी ठीक हो सकता है ।लेकिन टूटी हुई अंगुलियां और आहत भावनाएं नहीं ।

एक बार इसे पढ़ें ; 1 . पंडित जवाहरलाल नेहरू
2 .नेताजी सुभाष चंद्र बोस
3 . How make attractive salesman
4 . Good sales professional Commitment basics you should know

View Comments

Recent Posts

सोच और विचार क्या होता है ? -positive thought in hindi-idea in hindi

सोच और विचार किसे कहते है ? इन दोनों में समानता और अंतर को जानना… Read More

11 hours ago

पंडित जवाहरलाल नेहरूजी के जीवन यात्रा

पंडित जवाहरलाल नेहरूजी के जीवन यात्रा में टविस्टके रूप कुछ जेल यात्रा को छोड़कर अधिकतर… Read More

4 months ago

नेताजी सुभाषचंद्र बोस : एक ओजस्वी वक्ता-Subhash chandra bose in hindi

बहुमुखी प्रतिभा व व्यक्तित्व के धनी नेताजी सुभाषचंद्र बोस और एक ओजस्वी वक्ता थे ।… Read More

4 months ago